छत्तीसगढ़ में मानसून की गतिविधियाँ एक बार फिर तेज हो गई हैं। मौसम विभाग ने चेतावनी जारी की है कि अगले 24 घंटों में कई जिलों में बारिश के साथ गरज-चमक हो सकती है। कुछ स्थानों पर भारी वर्षा और वज्रपात की भी संभावना जताई गई है।
भारत मौसम विज्ञान विभाग रायपुर के अनुसार, मानसून ट्रफ फिलहाल पश्चिमी राजस्थान के जैसलमेर से होकर कोटा, दतिया, सीधी, रांची, बांकुरा, दीघा और फिर पूर्व-मध्य बंगाल की खाड़ी तक फैला हुआ है, जो समुद्र तल से करीब 1.5 किलोमीटर ऊपर तक सक्रिय है।
वहीं उत्तर ओडिशा और गंगीय पश्चिम बंगाल के ऊपर लगभग 5.8 किलोमीटर की ऊंचाई पर ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है। इसके असर से 25 अगस्त के आसपास बंगाल की खाड़ी और आसपास के क्षेत्रों में एक निम्न दबाव क्षेत्र बनने की संभावना है।
साथ ही, भारतीय क्षेत्र में अक्षांश 24° उत्तर पर 3.1 से 5.8 किलोमीटर की ऊंचाई पर विंड शीयर जोन सक्रिय है, जो मानसूनी बादलों को और मजबूती दे रहा है।
पिछले 24 घंटों में प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम वर्षा दर्ज हुई। सबसे ज्यादा 5 सेंटीमीटर वर्षा छुरा में रिकॉर्ड की गई।बिलासपुर में 15 मिमी और पेंड्रारोड में 14 मिमी तक बारिश दर्ज की गई।दुर्ग में अधिकतम तापमान 32.5 डिग्री और न्यूनतम 20 डिग्री सेल्सियस रहा।जबकि रायपुर शहर में अधिकतम 31.7 डिग्री और न्यूनतम 24.8 डिग्री रिकॉर्ड किया गया।
मौसम विभाग ने स्पष्ट किया है कि अगले 24 घंटों के दौरान प्रदेश के कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश होगी। वहीं सरगुजा और बिलासपुर संभाग के कुछ इलाकों में भारी वर्षा और गरज-चमक के साथ वज्रपात की भी संभावना है।
विभाग ने लोगों को सावधानी बरतने की अपील की है। खुले स्थानों और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचें।
किसानों को सलाह दी गई है कि बिजली कड़कने के दौरान खेतों में काम न करें।नदी-नालों के किनारे या पुल-पुलियों पर अनावश्यक आवाजाही न करें।
यानि आने वाले दिनों में छत्तीसगढ़ के कई हिस्सों में बारिश का दौर जारी रहेगा। मौसम विभाग की चेतावनी को देखते हुए लोगों को सतर्क और सुरक्षित रहने की ज़रूरत है।