रासेयो शिविर में बौद्धिक चर्चा, रामकिशन घृतलहरे ने जीवन मूल्यों व शिक्षा नीति पर सारगर्भित विचार……….

वास्तविक जीवन की राह सिखाती रासेयो – घृतलहरे

विद्यालयीन शिविर में बौद्धिक परिचर्चा, अतिथियों ने रखे सारगर्भित विचार

 

शासकीय महाविद्यालय बिर्रा की राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) इकाई द्वारा ग्राम पंचायत बनडभरा में 01 से 07 दिसंबर 2025 तक सात दिवसीय विशेष शिविर आयोजित किया जा रहा है। शिविर के तीसरे दिन 03 दिसंबर को बौद्धिक परिचर्चा कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें छात्रों को प्रेरक विचारों से अवगत कराया गया।

 

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि महाविद्यालय के पूर्व जनभागीदारी अध्यक्ष एवं पूर्व जनपद सदस्य श्री महेंद्र महिपाल ने विद्यार्थियों को सामाजिक सेवा और जिम्मेदार नागरिक बनने की दिशा में मार्गदर्शन दिया।

 

वहीं एनएसयूआई नेता एवं युवा कांग्रेस प्रवक्ता श्री रामकिशन घृतलहरे ने रासेयो को वास्तविक जीवन से जोड़ते हुए कहा कि “रासेयो केवल सेवा का मंच नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के सर्वांगीण व्यक्तित्व निर्माण की पाठशाला है।” उन्होंने राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 पर अपनी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि सरकारी नीतियों का उद्देश्य युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराना होना चाहिए, न कि उन्हें मजबूरी में छोटे-मोटे कार्यों से आत्मनिर्भर होने की सीख देना। उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि “यदि आत्मनिर्भर भारत का मतलब केवल पकोड़ा तलना है, तो फिर उच्च शिक्षा का क्या महत्व रह जाता है?”

उन्होंने छात्रों को रोजगार उपलब्ध कराने की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि उचित अवसर मिलने पर ही कोई नीति सफल हो सकती है। अंत में उन्होंने रासेयो के प्रेरक गीत प्रस्तुत कर माहौल को उत्साहपूर्ण बना दिया।

 

महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. डहरिया ने संविधान, समाज, महापुरुषों के योगदान और व्यक्तित्व विकास पर विस्तारपूर्वक प्रकाश डालते हुए विद्यार्थियों को सकारात्मक सोच और कर्तव्यनिष्ठा का संदेश दिया।

 

कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि पिंटू जांगड़े, कार्यक्रम अधिकारी प्रो. अनंत, सहायक अधिकारी प्रो. वर्मा मैडम, शिविरार्थी व ग्रामीणजन बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। khabar banay

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