सतनाम आंदोलन सतनामी स्वाभिमान जगाओ साइकिल यात्रा का पाँचवां दिवस

सक्ति। “मानव–मानव एक समान” के संदेश को जन–जन तक पहुंचाने निकली सतनाम आंदोलन सतनामी स्वाभिमान जगाओ साइकिल यात्रा आज अपने पाँचवें दिवस में प्रवेश कर चुकी है। यात्रा अब तक 62 गांवों में पहुँचकर समाज में जागरूकता और समानता का संदेश दे चुकी है। आज का पड़ाव बैहांगुरुड़, तुमीडीह, बरदुली, बोईरडीह, खरझीटि, रिवाड़ीह, हरदीडीह, आमकोनी, छिराडीह और कूटराबोर जैसे गांवों में रहा, जहाँ ग्रामीणों ने यात्रा का गर्मजोशी से स्वागत किया। रात्रि विश्राम कूटराबोर में रखा गया है।

 

यह यात्रा सतनामी समाज समेत सभी वर्गों में जातीय अत्याचार, भेदभाव, छुआ–छूत और ऊँच–नीच के खिलाफ एक मजबूत सामाजिक संदेश दे रही है। गुरु घासीदास जी के सिद्धांतों पर आधारित यह आंदोलन लोगों में स्वाभिमान, समानता और मानवता की भावना को स्थापित करने के लिए निरंतर प्रयासरत है।

 

यात्रा के दौरान युवाओं, किसानों, महिलाओं और बुजुर्गों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। ग्रामीणों ने बताया कि यह अभियान उनके बीच नई चेतना ला रहा है और समाज को सही दिशा दिखा रहा है।

 

सतनाम आंदोलन अंधविश्वास, पाखंडवाद, ताबीज–टोना, झाड़–फूंक जैसी कुरीतियों के त्याग और वैज्ञानिक सोच अपनाने की अपील कर रहा है। आयोजकों ने कहा कि जो लोग अभी इस यात्रा से नहीं जुड़े हैं, उन्हें आगे आकर समाज सुधार की इस ऐतिहासिक मुहिम को मजबूत करना चाहिए।

 

उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि हर गांव, हर मोहल्ला जगकर गुरु घासीदास जी के वास्तविक सतनाम आंदोलन को पहचानें और इसे धरातल पर उतारें।

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