


देवदर्शन बंजारे (हसौद/सक्ती) —26 नवंबर 2025 और 76वें संविधान दिवश शासकीय औद्योगिक प्रशिक्षण केंद्र, हसौद में आज संविधान दिवस के पावन अवसर पर एक भव्य एवं जागरूकता से भरपूर कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस विशेष आयोजन में संस्थान के समस्त प्रशिक्षणार्थियों को भारतीय संविधान के महत्व, उसकी उद्देशिका, मौलिक अधिकारों तथा कर्तव्यों के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई। कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं में संवैधानिक मूल्यों के प्रति जागरूकता बढ़ाना और उन्हें एक जिम्मेदार नागरिक बनने की दिशा में प्रेरित करना था।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में डॉ. पितांबर बंजारे, सामाजिक कार्यकर्ता, उपस्थित रहे। उन्होंने संविधान की उत्पत्ति, निर्माण प्रक्रिया और डॉ. भीमराव आंबेडकर के योगदान पर प्रकाश डालते हुए कहा कि संविधान केवल एक किताब नहीं, बल्कि देश की आत्मा है, जो प्रत्येक नागरिक को समान अधिकार और अवसर प्रदान करता है। उन्होंने युवाओं को संदेश देते हुए कहा कि संविधान का सम्मान तभी संभव है जब हम इसके मूल सिद्धांतों—न्याय, स्वतंत्रता, समानता और बंधुत्व—को अपने जीवन में उतारें।
संस्थान के प्रशिक्षकों ने भी प्रशिक्षणार्थियों को संविधान की विभिन्न धाराओं, नागरिक कर्तव्यों तथा लोकतांत्रिक प्रणाली की बुनियादी समझ से अवगत कराया। कार्यक्रम के दौरान सभी प्रशिक्षणार्थियों ने संविधान की प्रस्तावना का सामूहिक वाचन किया और देश की एकता, अखंडता और लोकतांत्रिक मूल्यों को बनाए रखने की शपथ ली।
संविधान दिवस के इस आयोजन ने न केवल छात्रों में जागरूकता बढ़ाई, बल्कि उन्हें राष्ट्र निर्माण में अपनी भूमिका समझने का अवसर भी प्रदान किया। कार्यक्रम का समापन अतिथियों के आभार प्रदर्शन व राष्ट्रगान के साथ हुआ।
![]()

