एक ओर लू की लपटें, दूसरी ओर गरजते बादल—छत्तीसगढ़ में बदला मौसम का मूड

छत्तीसगढ़ में तपिश और बेमौसम बारिश का दिलचस्प मेल जारी है। एक तरफ सूरज आग उगल रहा है, तो दूसरी ओर कुछ क्षेत्रों में बादल गरज रहे हैं।

प्रदेश में सबसे ज्यादा गर्म रहा बिलासपुर, जहाँ रविवार को अधिकतम तापमान 41.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।वहीं सबसे ठंडा रहा पेण्ड्रा रोड, जहाँ न्यूनतम तापमान 23.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।

अब बात करते हैं आगामी मौसम की तो उत्तरी छत्तीसगढ़ में अगले तीन दिनों तक मेघ गर्जन और हल्की वर्षा की गतिविधियाँ जारी रहने की संभावना है।
हालांकि उसके बाद इसमें कमी आ सकती है।
दक्षिणी छत्तीसगढ़ में अगले पांच दिनों तक गरज-चमक के साथ बारिश की गतिविधियाँ बनी रहेंगी।

छत्तीसगढ़ में अगले तीन दिनों तक तापमान में खास बदलाव की उम्मीद नहीं है, लेकिन उसके बाद तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी हो सकती है।

पिछले 24 घंटों के दौरान प्रदेश में एक-दो स्थानों पर अति हल्की से हल्की बारिश रिकॉर्ड की गई है।

हालांकि वर्षा के कोई प्रमुख आँकड़े दर्ज नहीं किए गए यानी बारिश लगभग नगण्य रही।

मौसम के इस बदलते मिजाज के पीछे सिनॉप्टिक सिस्टम भी सक्रिय है।पश्चिमी विक्षोभ फिलहाल मध्य क्षोभमंडल में 5.8 किमी की ऊंचाई पर अपनी धुरी के साथ सक्रिय है। साथ ही पूर्वोत्तर असम से लेकर झारखंड तक एक ट्रफ लाइन बनी हुई है, जो मौसम में हलचल ला सकती है।

इसी के साथ एक बड़ी खबर ये भी है की 13 मई के आसपास दक्षिण-पश्चिम मानसून के अंडमान सागर और दक्षिण-पूर्वी बंगाल की खाड़ी की ओर बढ़ने की संभावना जताई गई है। अगले 4-5 दिनों में मानसून अंडमान-निकोबार द्वीपसमूह के ज़्यादातर हिस्सों तक पहुंच सकता है।

अब नजर डालते हैं अगले 24 घंटों की चेतावनी पर
प्रदेश के कुछ हिस्सों में मेघ गर्जन के साथ तेज़ हवा चल सकती है, जिसकी गति 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा हो सकती है।

रायपुर शहर के लिए 12 मई को आकाश आंशिक रूप से मेघाच्छादित रहेगा और गरज चमक के साथ हल्की बौछारें पड़ने की संभावना है। यहाँ अधिकतम तापमान 42 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 29 डिग्री के आसपास रहने का अनुमान है।

तो कुल मिलाकर, प्रदेश में एक ओर तपिश है, वहीं दूसरी ओर मानसून की आहट और हल्की बारिश की गतिविधियां बनी हुई हैं। सौजन्य

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