




जांजगीर-चांपा जिले से शिक्षा व्यवस्था को शर्मसार करने वाली एक तस्वीर सामने आई है। यहां एक सरकारी स्कूल में शिक्षक ने पढ़ाई के बदले बच्चों से निजी काम करवा रहे थे। मामला सामने आते ही हड़कंप मच गया है।
यह मामला बम्हनीडीह ब्लॉक के सिलादेही प्राथमिक स्कूल का है, जहां शिक्षक गोपी कुमार तिवारी ने चौथी और पांचवीं के छात्रों से खेतों से लाया गया धान छांटवाया। बच्चों के हाथों में किताबें नहीं, बल्कि प्लेट में रखा हुआ धान था, जिसमें से वे करगा यानी खराब धान छांट रहे थे।
ये शर्मनाक स्थिति तब उजागर हुई जब जिला पंचायत की स्थायी शिक्षा समिति के अध्यक्ष गगन जयपुरिया 14 जुलाई को अचानक निरीक्षण पर स्कूल पहुंचे। निरीक्षण के दौरान उन्होंने जो देखा, वो हैरान करने वाला था।
कक्षा में बच्चे पढ़ाई नहीं कर रहे थे, बल्कि शिक्षक के सामने बैठकर धान छांट रहे थे। खुद शिक्षक भी बच्चों के साथ धान छांटते कैमरे में कैद हुए। वीडियो में शिक्षक कैमरा बंद करने की गुहार लगाते दिखे — “प्लीज प्लीज वीडियो मत बनाइए।”
शिक्षा समिति अध्यक्ष गगन जयपुरिया ने इस पर सख्त नाराज़गी जताई और कहा कि “बच्चे स्कूल पढ़ने आते हैं, न कि खेतों का काम करने।” उन्होंने वीडियो उच्च अधिकारियों को भेजकर तत्काल कार्रवाई की मांग की।
मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला शिक्षा अधिकारी ए.के. भारद्वाज ने शिक्षक को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। उन्होंने कहा कि बच्चों से निजी कार्य करवाना बेहद गंभीर लापरवाही है और इसकी जांच बीईओ रिपोर्ट के आधार पर की गई है। आगे की जांच भी जारी है। सौजन्य
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